हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने अपने सात दिवसीय ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान सोमवार को पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया स्थित मर्डोक यूनिवर्सिटी में आयोजित एक विशेष शैक्षणिक एवं शोध कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर कृषि, खाद्य नवाचार और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे अत्याधुनिक अनुसंधानों पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस दौरे के दौरान मर्डोक यूनिवर्सिटी के प्रो वाइस चांसलर प्रो. पीटर डेविस की उपस्थिति में एक राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस कॉन्फ्रेंस में कृषि नवाचार, फूड सिक्योरिटी, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और जैव प्रौद्योगिकी के माध्यम से टिकाऊ कृषि समाधान जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
इस मौके पर विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने मर्डोक यूनिवर्सिटी के फसल और खाद्य नवाचार केंद्र (सीसीएफआई) के निदेशक प्रो. राजीव वार्ष्णेय व वरिष्ठ विज्ञान प्रबंधक अनु चिटकिनेनी से अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) मॉडल और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों की जानकारी ली। भारतीय मूल के इन दोनों अधिकारियों से गेहूं की नई वैरायटियों और फसलों को गर्मी से बचाने के बारे में विशेष चर्चा भी हुई। इस चर्चा में विशेष जानकारी यह मिली कि ऑस्ट्रेलिया में फसलों के अनुसंधान और विकास संबंधी कार्यों के लिए सरकार के अलावा किसान भी एक प्रतिशत राशि देते हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मर्डोक यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया राज्य कृषि जैव प्रौद्योगिकी केंद्र (एसएबीसी) तथा फसल एवं खाद्य नवाचार केंद्र (सीसीएफआई) का भी भ्रमण किया। इस दौरान प्रयोगशालाओं, शोध सुविधाओं और आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि हरियाणा एक कृषि प्रधान राज्य है और ऐसी अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं शोध संस्थाओं के साथ सहयोग से किसानों की आय बढ़ाने, फसल उत्पादकता सुधारने और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने में महत्वपूर्ण सहायता मिल सकती है। उन्होंने हरियाणा और ऑस्ट्रेलिया के बीच शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और सशक्त करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर हरियाणा विधान सभा के उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा, विधायक योगेंद्र सिंह राणा, विधान सभा सचिवालय के अधिकारी तथा प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।


