सीपीए जोन-2 सम्मेलन की मेजबानी करेगा हरियाणा | — चंडीगढ़, 7 मई

राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) के जोन-2 सम्मेलन की मेजबानी हरियाणा करेगा। यह सम्मेलन लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में 8 से 10 जून के बीच चंडीगढ़ में होगा। इसके लिए हरियाणा विधान सभा सचिवालय ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस सिलसिले में विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना का प्रारम्भिक खाका तैयार किया।

गौरतलब है कि गत वर्ष 12 सितंबर को बेंगलुरु में आयोजित सीपीए के 11वें भारतीय क्षेत्रीय सम्मेलन के दौरान लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण को सीपीए जोन-2 का चेयरपर्सन नियुक्त किया था। कल्याण के सीपीए जोन-2 के अध्यक्ष होते हुए यह पहला सम्मेलन हरियाणा में आयोजित किया जा रहा है।

लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला सीपीए भारतीय क्षेत्र के अध्यक्ष हैं। सीपीए के भारतीय क्षेत्र में भारतीय संसद तथा 31 विधान मंडल शामिल हैं। वहीं, सीपीए के भारतीय क्षेत्र के 9 जोन हैं। इनमें से जोन-2, जिसके चेयरपर्सन हरियाणा विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण हैं, उसमें हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पंजाब के विधान मंडल शामिल हैं। इस सम्मेलन में इन पांचों राज्यों के विधानमंडलों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष भाग लेंगे।

बता दें कि सीपीए राष्ट्रमंडल देशों के विधान मंडलों का संगठन है। इसकी स्थापना 1911 में हुई थी तथा इसका मुख्यालय लंदन में है। इसमें 180 से अधिक राष्ट्रीय और प्रांतीय विधानमंडल (शाखाएं) शामिल हैं। इसका उद्देश्य संसदीय लोकतंत्र के ज्ञान और समझ को बढ़ाना, संसद सदस्यों के बीच सहयोग बढ़ाना और संसदीय प्रथाओं को साझा करना है। भारत में लोक सभा सचिवालय सीपीए की गतिविधियों का समन्वय करता है। हरियाणा विधान सभा द्वारा तैयार की गई योजना के प्रारंभिक प्रारूप को लोक सभा सचिवालय की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।

हरियाणा की मेजबानी में होने जा रहे इस सम्मेलन में पूर्व में आयोजित सम्मेलनों में पारित प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना है। सीपीए जोन-2 सम्मेलन में लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला, हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश आदि को आमंत्रित किया जा रहा है। इनके अलावा उत्तरप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश आदि राज्यों के विधानमंडलों के अध्यक्ष भी इस सम्मेलन में विशेष आमंत्रित होंगे।