हरियाणा विधान सभा के अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर उनका स्मरण किया है। यह जयंती देशभर में 14 अप्रैल को मनाई जा रही है।
अपने संदेश में विस अध्यक्ष कल्याण ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष, समर्पण और सामाजिक न्याय के लिए निरंतर प्रयास का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने भारतीय समाज को समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के सिद्धांतों पर आधारित एक नई दिशा प्रदान की। भारतीय संविधान के निर्माण में उनका योगदान देश के लोकतांत्रिक ढांचे की मजबूत नींव है, जो आज भी राष्ट्र को प्रगति के मार्ग पर अग्रसर कर रहा है।
उन्होंने डॉ. अंबेडकर के एक महत्वपूर्ण विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि “सभा (विधानमंडल) के मत और प्राधिकार में प्रशासन की शुद्धता को स्थिर रखने की अधिक शक्ति है जिससे कि कोई बाह्य शक्ति की आवश्यकता नहीं रहती”।
कल्याण ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न ‘विकसित भारत 2047’ को साकार करने की दिशा में भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं, जिसमें संविधान के आदर्शों का अनुपालन और समावेशी विकास प्रमुख आधार हैं। उन्होंने कहा कि वे ‘एक राष्ट्र एक विधायिका’ के सपने को साकार करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
विस अध्यक्ष कल्याण ने कहा कि वे संविधान के मूल्यों और सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं, ताकि लोकतांत्रिक आदर्श समाज के हर वर्ग तक सशक्त रूप में पहुंच सकें।


