हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने केरल विधान सभा का भ्रमण करने के बाद कन्याकुमारी स्थित विवेकानंद शिला पहुंच स्वामी विवेकानन्द स्मारक और तिरुअनन्तपुरम में स्थित सुप्रसिद्ध पद्मनाभस्वामी मंदिर के दर्शन किए। इस दौरान वे मंदिर के गर्भगृह में स्थापित भगवान विष्णु की विशाल मूर्ति के सम्मुख नतमस्तक हुए।
इस अवसर पर कल्याण ने कहा कि शिला स्मारक स्वामी विवेकानन्द के आदर्शों और सिद्धांतों का स्मरण करवाता है। स्वामी विवेकानंद युवाओं के आदर्श हैं। उन्होंने आत्म-विश्वास, निडरता, मानव सेवा, चरित्र निर्माण की जो शिक्षाएं दी वे आज भी प्रसांगिक हैं। कल्याण ने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वामी विवेकानन्द की शिक्षाओं को आत्मसात करते हुए खुद को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाएं। उन्होंने कहा कि स्वामी जी ने हमें निडर होकर चुनौतियों का सामना करने की सीख दी है। स्वामी विवेकानन्द का मानना था कि दूसरों की सेवा करना ही जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य है और मानवता की सेवा ही ईश्वर की सेवा है।
विस अध्यक्ष कल्याण ने कहा कि पद्मनाभस्वामी मंदिर हमारी आस्था के साथ-साथ भारत के गौरवशाली अतीत का भी स्मरण करवाता है। प्राचीन मंदिर का वास्तु व मान्यता अद्भुत है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश वासियों के कल्याण की भी कामना की।


