हरियाणा विधान सभा में ‘हरियाणा युवा संवाद’ के दूसरे संस्करण का सफल समापन | — चंडीगढ़, 17 जनवरी

हरियाणा विधान सभा में शनिवार को राजधानी युवा संसद संस्था के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय ‘हरियाणा युवा संवाद’ के दूसरे संस्करण का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह कार्यक्रम विधायी प्रक्रियाओं, नीति निर्माण और लोकतांत्रिक मूल्यों से युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से जोड़ने की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल सिद्ध हुआ। इस अवसर पर राजधानी युवा संसद संस्था की सह संस्थापक एडवोकेट ईशा कपूर और सह-संस्थापक जय सैनी ने कहा कि इस पूरे कार्यक्रम में हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण से प्रतिभागियों को गहन मार्गदर्शन और प्रेरणा मिली, जिसकी बदौलत यह आयोजन अत्यंत सफल रहा। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण विकसित भारत के लिए युवाओं में संवैधानिक जागरुकता लाने के लिए बेहतर प्रयास कर रहे हैं। वे ‘एक राष्ट्र एक विधायिका’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

शनिवार को आयोजित पहले सत्र में किसानों के समक्ष आने वाली चुनौतियों, कृषि से जुड़े समकालीन मुद्दों, पर्यावरणीय प्रभावों तथा उनके समाधान पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान हरियाणा राज्य पर्यावरण योजना पर चर्चा करते हुए मजबूत कृषि पद्धतियों को अपनाने और भारत में कृषि शिक्षा को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। प्रतिभागियों ने किसानों की समस्याओं से निपटने के लिए व्यावहारिक और नवाचारी सुझाव भी प्रस्तुत किए।

दूसरे सत्र में सत्तापक्ष की भूमिका निभा रहे प्रतिभागियों द्वारा विधेयकों की प्रस्तुति एवं उन पर संरचित संसदीय बहस की गई। इस सत्र में युवाओं की विधायी समझ, तार्किक क्षमता और संसदीय शिष्टाचार की स्पष्ट झलक देखने को मिली।

कार्यक्रम में देश के 13 राज्यों से आए 65 युवा प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिन्होंने संसदीय कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। इस युवा संवाद के माध्यम से प्रतिभागियों को विधान सभा की कार्यवाही, विधायी बहस, प्रश्नोत्तर और नीति निर्माण की प्रक्रियाओं को नजदीक से समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना रहा।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर हरियाणा विधान सभा के संयुक्त सचिव श्री सुशांत दीप राठी ने प्रतिभागियों को सम्मानित किया। प्रथम सर्वश्रेष्ठ वक्ता का पुरस्कार धन्या सांगवान को प्रदान किया गया, जबकि द्वितीय सर्वश्रेष्ठ वक्ता का पुरस्कार देविशी मनहास, तृतीय पुरस्कार पलकी सिंह तथा चतुर्थ सर्वश्रेष्ठ वक्ता का पुरस्कार नितिश ने प्राप्त किया।