विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने इंदौर पहुंच नगर निकाय की आदर्श व्यवस्थाओं का किया अवलोकन | — इंदौर/चंडीगढ़, 9 मई

हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने शनिवार को इंदौर पहुंच नगर निकाय की आदर्श व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने विधान मंडल की तर्ज पर संचालित नगर निगम के सदन की व्यवस्थाओं को देखा। इस दौरान उन्होंने निगम के अटल परिषद सदन का अवलोकन किया और नवाचार पर आधारित विकास कार्यों और स्वच्छता के मॉडल पर प्रेजेंटेशन भी देखी इससे पूर्व शुक्रवार को उन्होंने उज्जैन पहुंच महाकाल के दर्शन भी किए।

विस अध्यक्ष कल्याण ने इंदौर नगर निगम के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए इस शहर को स्वच्छता, सुशासन और सशक्त शहरी प्रशासन का राष्ट्रीय मॉडल बताया। उन्होंने निगम अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली हैं कि इंदौर जैसे गौरवशाली शहर के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गत वर्ष जुलाई में हरियाणा विधान सभा की ओर से गुरुग्राम में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के महापौर सम्मेलन में इंदौर नगर निगम की कार्य प्रणाली और उपलब्धियों ने देश का ध्यान आकृष्ट किया था। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने यहां के नगर निगम के सदन में स्पीकर पद का विशेष रूप से उल्लेख किया था। तब से ही वे यहां की व्यवस्थाओं को निकट से देखना चाहते थे।

विस अध्यक्ष कल्याण ने बताया कि विधान सभा की तर्ज पर नगर निगम के सदन का संचालन अपने आप में आदर्श व्यवस्था का परिचायक हैं। यहां महापौर की अनुशंसा पर अध्यक्ष की ओर से दो माह में सत्र बुलाया जाना आवश्यक है। इसकी अधिसूचना सभी सदस्यों को कम से कम 7 दिन पूर्व दी जाती है। अगर सदन के एक तिहाई सदस्य चाहे तो इससे कम अवधि पर भी विशेष सत्र आहुत किया जा सकता है। इसकी सूचना कम से कम 3 दिन पूर्व दी जाती है। निगम सदन के स्पीकर की अध्यक्षता में विधान सभा की तर्ज पर प्रश्नकाल और विकास कार्यों पर चर्चा होती है। एक पार्षद 2 प्रश्न पूछ सकता है। साल में एक बार बजट सत्र बुलाया जाता है।

सदन की 3 कमेटियां भी विधान सभा की तर्ज पर कार्य करती हैं। इनमें पीएसी, अपील कमेटी तथा मेंबर इन काउंसिल कमेटी शामिल हैं। मेंबर इन काउंसिल कमेटी 10 दिन में एक बार बैठक करती है। इस बैठक में सदन में पारित किए गए विषयों के क्रियान्वयन का अवलोकन किया जाता है। नई नीतियों तथा जनकल्याण के विषयों पर भी यह कमेटी चर्चा करती है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा की धरती से भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के माध्यम से प्रवीणता से कर्म करने का संदेश दिया है। इंदौर कर्म, सेवा, भक्ति और विकास का अद्भुत संगम है। इसलिए उन्हें इस शहर में हरियाणा और मध्य प्रदेश का संगम दिखाई देता है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई की पुण्यभूमि और बाबा महाकाल के आशीर्वाद से यह शहर स्वच्छता और सुशासन के क्षेत्र में देश के लिए प्रेरणा बना है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प, हरियाणा की धरती से शुरू किए गए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वच्छता अभियान और स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि इंदौर इन लक्ष्यों को धरातल पर सफलतापूर्वक साकार कर रहा है।

इससे पूर्व उन्होंने सुबह आधुनिक तकनीक और जन भागीदारी के समन्वय से स्वच्छ किए शहर के पार्कों और सड़कों का भ्रमण कर व्यवस्था की बारीकियां देखी। उन्होंने कहा कि इंदौर का स्वच्छता मॉडल बहुत ही व्यवहारिक और प्रभावी है। इसमें आम जनमानस की सहभागिता और आधुनिक तकनीकों का योगदान साफ दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि मजबूत शहरी स्थानीय निकाय ही जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला स्थानीय निकायों के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल देते हैं। इंदौर में यह स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल शहरी विकास के लिए विशेष रूप से प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, आयुक्त क्षितिज सिंघल, एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर समेत बड़ी संख्या में पार्षद व अधिकारी उपस्थित रहे।